राष्ट्रपति कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी लाल किला पहुंचे, रावण दहन थोड़ी देर में
नई दिल्ली. लाल किले की लव-कुश रामलीला में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंच गए हैं। पीएम मोदी लाल किला मैदान में राम-लक्ष्मण के दर्शन करने के बाद रावण पर प्रतीकात्मक तीर छोड़कर पुतला दहन भी करेंगे। लाल किले के सामने स्थित रामलीला मैदान में रावण दहन की परंपरा 1924 से चली आ रही है, लेकिन लव-कुश रामलीला की शुरुआत 1988 में हुई थी। इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी शामिल हुए थे।
पर्यावरण पर बोले राष्ट्रपति : कोविंद ने कहा- अनुशासित जीवन शैली समाज में हम सबको अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराती है। रामकथा में ऐसी ही प्रासंगिकता मिलती है। हमें राम के जीवन से मिली शिक्षा को लेकर जीवन में आगे बढ़ना है। हम इस पावन पर्व पर लोभ, हिंसा जैसी बुराइयों को रावण के पुतले के साथ जलाएं। पर्यावरण और समाज के लिए अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
चार साल पहले सोनिया-मोदी ने मिलकर जलाया था रावण : 2014 में सुभाष परेड ग्राउंड में पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शामिल हुए थे। श्रीरामलीला ग्राउंड कमेटी ने मोदी को इन्विटेशन नहीं भेजा था, लेकिन वे कार्यक्रम में पहुंच गए थे। 2016 में नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह समेत कई बीजेपी नेता लखनऊ के दशहरा प्रोग्राम में शामिल हुए थे। यहां पीएम राम-लक्ष्मण की पूरा करने के बाद रावण दहन किया था। 2015 में मोदी लाल किले पर ही दशहरा पर्व में शामिल हुए थे।
मोदी ने 2017 में रावण पर हाथ से ही फेंका था तीर : नरेंद्र मोदी ने 2017 में भी लाल किला मैदान में रावण दहन किया। मोदी धनुष लेकर रावण पर तीर चला रहे थे, लेकिन जब इसमें कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने हाथ से ही रावण की ओर तीर फेंका।
पुलिस की यह है तैयारी : प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के आगमन के चलते लाल किले के आसपास वीआईपी रूट बनाया गया है। साथ ही, कई जगह डायवर्जन भी किया गया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे से नेताजी सुभाष मार्ग, निषाद राज मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, तुर्कमान गेट, बहादुरशाह जफर मार्ग पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोक दिया जाएगा। इसी तरह रावण दहन कार्यक्रम के बाद जब वीआईपी हस्तियां लौटेंगी, तब भी ट्रैफिक रोक दिया जाएगा।
पर्यावरण पर बोले राष्ट्रपति : कोविंद ने कहा- अनुशासित जीवन शैली समाज में हम सबको अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराती है। रामकथा में ऐसी ही प्रासंगिकता मिलती है। हमें राम के जीवन से मिली शिक्षा को लेकर जीवन में आगे बढ़ना है। हम इस पावन पर्व पर लोभ, हिंसा जैसी बुराइयों को रावण के पुतले के साथ जलाएं। पर्यावरण और समाज के लिए अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
चार साल पहले सोनिया-मोदी ने मिलकर जलाया था रावण : 2014 में सुभाष परेड ग्राउंड में पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शामिल हुए थे। श्रीरामलीला ग्राउंड कमेटी ने मोदी को इन्विटेशन नहीं भेजा था, लेकिन वे कार्यक्रम में पहुंच गए थे। 2016 में नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह समेत कई बीजेपी नेता लखनऊ के दशहरा प्रोग्राम में शामिल हुए थे। यहां पीएम राम-लक्ष्मण की पूरा करने के बाद रावण दहन किया था। 2015 में मोदी लाल किले पर ही दशहरा पर्व में शामिल हुए थे।
मोदी ने 2017 में रावण पर हाथ से ही फेंका था तीर : नरेंद्र मोदी ने 2017 में भी लाल किला मैदान में रावण दहन किया। मोदी धनुष लेकर रावण पर तीर चला रहे थे, लेकिन जब इसमें कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने हाथ से ही रावण की ओर तीर फेंका।
पुलिस की यह है तैयारी : प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के आगमन के चलते लाल किले के आसपास वीआईपी रूट बनाया गया है। साथ ही, कई जगह डायवर्जन भी किया गया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे से नेताजी सुभाष मार्ग, निषाद राज मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, तुर्कमान गेट, बहादुरशाह जफर मार्ग पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोक दिया जाएगा। इसी तरह रावण दहन कार्यक्रम के बाद जब वीआईपी हस्तियां लौटेंगी, तब भी ट्रैफिक रोक दिया जाएगा।
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